रांची। जिंदगी जिंदाबाद
Ranchi University और इसके अंतर्गत आने वाले विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों में पिछले साढ़े आठ वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे Need Based असिस्टेंट प्रोफेसरों के सामने आर्थिक सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बिना किसी सेवा अवकाश (ब्रेक) के निरंतर अध्यापन और अन्य शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करने के बावजूद इन्हें अब तक EPF का लाभ नहीं दिया गया है।
राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से कार्यरत इन शिक्षकों को प्रतिमाह अधिकतम ₹57,700 का मानदेय मिलता है। हालांकि, इतने वर्षों की नियमित सेवा के बाद भी न तो राज्य सरकार ने और न ही विवि प्रशासन ने इनके लिए ईपीएफ लागू करने की कोई ठोस पहल की है, जिससे इन शिक्षकों में भारी निराशा है।
Ranchi University: अर्हता पूरी करने के बाद भी अनदेखी
नीड-बेस्ड सहायक प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधि डॉ. त्रिभुवन शाही ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईपीएफ का लाभ न मिलने से यह शिक्षक वर्ग बुनियादी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से पूरी तरह वंचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी शिक्षक नेट (NET), जेट (JET) और पीएचडी जैसी अनिवार्य उच्च शैक्षणिक अर्हताएं पूरी करते हैं।
संघ का कहना है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत अन्य अनुबंध शिक्षकों को ईपीएफ की सुविधा दी जा रही है, लेकिन नीड-बेस्ड शिक्षकों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। ‘भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम’ के प्रावधानों के अनुसार, उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुबंध और संविदा पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ मिलना अनिवार्य है। वर्तमान में रांची विवि में लगभग 220 नीड-बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर सेवाएं दे रहे हैं।
Ranchi University के रजिस्ट्रार और कुलपति को सौंपा जाएगा मांग पत्र
अपनी मांगों को लेकर संघ ने अब कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। डॉ. शाही ने बताया कि जल्द ही संघ का एक प्रतिनिधिमंडल रांची विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार से मुलाकात करेगा। इस मुलाकात के दौरान एक औपचारिक मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द नीड-बेस्ड शिक्षकों के लिए ईपीएफ लागू करने की अपील की जाएगी।
EPF लागू होने से शिक्षकों को मिलने वाले मुख्य लाभ:
- सुरक्षित और बड़ा फंड:कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से जमा राशि पर हर वर्ष घोषित ब्याज मिलता है, जो सामान्य बचत खातों की ब्याज दर से काफी अधिक होता है। इससे सेवानिवृत्ति के समय शिक्षकों को एक बड़ी और सुरक्षित राशि मिल सकेगी।
- पेंशन की गारंटी:यदि कोई कर्मचारी 10 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी करता है, तो उसे ‘कर्मचारी पेंशन योजना’ (EPS) के तहत मासिक पेंशन का अधिकार प्राप्त होता है, जिससे बुढ़ापे में नियमित आय बनी रहती है।
- पारदर्शिता और सुरक्षा:ईपीएफ की राशि सीधे ईपीएफओ के पास जमा होती है, जिससे धन के दुरुपयोग या गलत प्रबंधन की आशंका समाप्त हो जाती है।
- मुफ्त बीमा (EDLI) का प्रावधान:सेवा काल के दौरान यदि किसी कर्मचारी की असमय मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामांकित (नॉमिनी) या आश्रितों को ‘कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा’ (EDLI) योजना के तहत आर्थिक सहायता/बीमा राशि प्रदान की जाती है।
- आपात्कालीन स्थितियों में आंशिक निकासी:मकान निर्माण, बच्चों की उच्च शिक्षा, विवाह, या गंभीर बीमारी जैसे आपातकालीन खर्चों के लिए नियमों के तहत जमा पीएफ राशि से आंशिक या अग्रिम निकासी की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, जमा राशि और उस पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर संबंधी लाभ भी प्राप्त होते हैं।
शिक्षकों का मानना है कि ईपीएफ लागू होने से न केवल उनका भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि वे अधिक निश्चिंत होकर उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपना योगदान दे सकेंगे।
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