PM नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया; कहा- 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगाThe Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 71st Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2017.

नई दिल्ली। जिंदगी जिंदाबाद

राष्ट्र आज 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। आज इस अवसर पर PM नरेन्द्र मोदी ने लालकिले के प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। पहली बार, इस अवसर पर राष्ट्र गीत वंदे मातरम का गायन हुआ। इस वर्ष के आयोजन में, 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाशक्ति की भूमिका पर बल दिया गया।

PM ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में करोड़ों देशवासियों के संकल्प, समर्पण और हरसंभव प्रयास की बदौलत देश ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि पहले भारत पांच सबसे कमज़ोर अर्थव्यवस्था वाले देशों में गिना जाता था लेकिन अब वह दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्था है। श्री मोदी ने कहा कि इन प्रयासों के कारण 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 2047 तक देश को विकसित बनाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।

PMने कहा कि भारत कई अभूतपूर्व संकटों से बाहर निकलने में कामयाब रहा है। इनमें कोविड महामारी और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया संकट प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इन संकटों के दौरान टीके, ईँधन, गैस, डीज़ल और उर्वरक की कमी को लेकर काफी अफ़वाहें फैलाई गई थीं। श्री मोदी ने कहा कि सुनियोजित नीतियों, तैयारियों और समय रहते उठाए गए कदमों के कारण देश ने इन चुनौतियों का डटकर मुका़बला किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के नागरिक देवो भव सिद्धांत के कारण पिछले दशक में ऐसी व्यवस्थाएं की गईं जो संकटकाल में कारगर साबित हुईं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार देश केवल संसाधन की कमी के कारण नहीं, बल्कि सीमित सोच के कारण भी पिछड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत को कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ा है और यह भी सीमित सोच का परिणाम था। श्री मोदी ने कहा कि जिन अपतटीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के काम की अनुमति नहीं थी, सरकार ने उनमें से 99 प्रतिशत को खोल दिया जहां अब समुद्र के भीतर नए संसाधनों और भंडारों की खोज की जा रही है।

PM ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आज की बड़ी ज़रूरत है और सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार 2047 तक सौ गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने चालू दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर चालू करने का लक्ष्य रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से अब तक भारत 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर चुका है। इससे भारतीय कारोबार और निर्यात के लिए बड़े अवसर उपलब्ध हुए हैं। श्री मोदी ने देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उ्दयमों से अपील की कि वे इन अवसरों का भरपूर लाभ उठाएं और भारतीय उत्पादों को विश्व बाज़ार तक पहुंचाएं।

PM ने कहा कि सरकार ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को यांत्रिक मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे देश को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में मदद मिलेगी। श्री मोदी ने कहा कि देश को लागत, गुणवत्ता और कौशल पर विशेष ध्यान देना होगा।

PM ने कहा कि गांवों, शहरों और स्कूलों में 15 वर्ष तक के मेधावी बच्चों की पहचान के लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुने गए बच्चों को अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत खेल की दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है और 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करेगा।

प्रधानमंत्री ने गरीबों और मध्यवर्गीय परिवारों के बच्चों परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस क्रांतिकारी कदम से हर किसी के लिए स्तरीय शिक्षा उपलब्ध होगी। श्री मोदी ने कहा कि इससे मध्यमवर्गीय परिवारों में कोचिंग पर ख़र्च होने वाले करोड़ों रूपए की बचत होगी।

PMने संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान का विषय है और देश के नीति निर्धारण में योगदान का अवसर महिलाओं को भी दिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि नक्सल और माओवादी हिंसा अब अपनी आखिरी सांसें गिन रही है और नक्सलग्रस्त इलाकों में अब विकास, विश्वास और प्रयास की बयार बहने लगी है।

PM ने देशवासियों से सप्तधारा की शक्ति के उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगले पांच-सात वर्ष में, देश वह सब हासिल कर लेगा जो पिछले पांच-सात दशक में भी हासिल नहीं किया जा सका। श्री मोदी ने कहा कि सप्तधारा की शक्ति और क्षमता से सरकार देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले सात-आठ वर्ष में, लगभग 8 सेमीकंडक्टर संयंत्र काम शुरु कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस समय देश में तीन संयंत्रों में सेमीकंडक्टर निर्माण हो रहा है और इस क्षेत्र में भारत की प्रगति तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।

PMने कहा कि अब आधुनिक तकनीक पूरी तरह महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भर हैं और भारत इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन गलियारे की शुरुआत की है। कई देशों के साथ करार किए जा रहे हैं और कई देशों ने भारत में विश्वास व्यक्त किया है।

PMने कहा कि पिछले दशक में रेलवे का बिजलीकरण बहुत तेज़ी से हुआ है। 1925 से 2015 तक केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क में बिजली सुविधा थी लेकिन पिछले महज 10 साल में यह बढ़कर सौ प्रतिशत हो गई है। इससे डीज़ल आयात पर निर्भरता घटी है और काफी धन की बचत हुई है।

PM ने कहा कि हाल के दिनों में, देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सभी परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। श्री मोदी ने कहा कि कोई भी देश तभी बड़ा होता है, जब वह संकल्प की शक्ति और पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ता है।

PMने कहा कि सरकार ने भारत को विश्व मंच पर स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में, फॉर्च्यून-500 में 50 कंपनियां भारत की हों, इसका लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने यह भी कहा कि कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के पांच बड़े बैंकों में शुमार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने दवा निर्माण क्षेत्र में काफी काम किया है और यह समय की मांग है कि भारत की एक दवा निर्माण कंपनी भी दुनिया की पांच सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनियों में शामिल हो।

Palamu Rail Connectivity: शेरघाटी-कजरी नई रेल लाइन को मिली मंजूरी, पलामू के विकास को लगेगी रफ्तार

https://zindagijindabaad.com/palamu-kajri-sherghati-rail-connectivity/

https://www.pmindia.gov.in/en/

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