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रांची: झारखंड में सामने आए JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले में सोमवार को ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर ली है। ईसीआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसी कथित अवैध पैसों के लेन-देन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच करेगी।

JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में ईडी ने निजी कंपनी TDPL के निदेशकों सहित कुल आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इनमें जेपीएससी से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और TDPL कंपनी के कर्मचारी भी शामिल हैं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद झारखंड के प्रशासनिक और परीक्षा तंत्र में हलचल तेज हो गई है।

JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में ED की बड़ी कार्रवाई

JPSC नियुक्ति घोटाला अब केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गया है। ईडी की एंट्री के बाद मामले में वित्तीय लेन-देन की भी जांच होगी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अनियमितताओं के दौरान पैसों का लेन-देन किस प्रकार हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

ईसीआईआर दर्ज करना ईडी की जांच प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इसके बाद जांच एजेंसी संबंधित लोगों, कंपनियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है।

नियमों को दरकिनार कर TDPL को मिला काम

जांच के अनुसार, JPSC नियुक्ति घोटाला में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य निजी कंपनी TDPL को दिए जाने को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन किए बिना ‘नॉमिनेशन’ के आधार पर कंपनी को काम सौंप दिया।

बताया गया है कि कंपनी को परीक्षा से जुड़ा काम देने से पहले पर्याप्त बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी नहीं किया गया। ऐसे में जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि आखिर किन परिस्थितियों में TDPL को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।

पहले से विवादों में रही थी कंपनी

JPSC नियुक्ति घोटाला की जांच में TDPL की पिछली गतिविधियां भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। जानकारी के अनुसार, जेपीएससी से पहले झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की कुछ परीक्षाओं से जुड़े कार्य भी TDPL को दिए गए थे।

हालांकि, वहां कथित गंभीर अनियमितताओं के बाद कंपनी का वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया था और कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई है।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में आयोजित कुछ परीक्षाओं को लेकर भी TDPL पर कथित धांधली और अनियमितताओं के आरोप लग चुके थे। इसके बावजूद जेपीएससी में कंपनी को परीक्षा से संबंधित काम सौंपे जाने का मामला अब जांच के केंद्र में है।

JPSC नियुक्ति घोटाला में 8 लोग नामजद

ईडी ने JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में कुल आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इनमें TDPL के निदेशक, कंपनी के कर्मचारी और जेपीएससी से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

नामजद लोगों में सत्यपाल सिंह और रामवीर सिंह, TDPL के निदेशक बताए गए हैं। इसके अलावा जेपीएससी की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, जेपीएससी कर्मचारी मनोज तिर्की और सोनू कुमार के नाम भी शामिल हैं।

TDPL से जुड़े कर्मचारियों में मोहम्मद उस्मान, अवध और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को भी नामजद किया गया है।

JSSC की परीक्षाएं भी जांच के दायरे में

JPSC नियुक्ति घोटाला की जांच का दायरा अब JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं तक भी बढ़ने की संभावना है। TDPL का JSSC से जुड़े परीक्षा कार्यों में पूर्व संबंध और वहां हुई कथित अनियमितताओं को देखते हुए जांच एजेंसियां पुराने मामलों की भी पड़ताल कर सकती हैं।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि क्या अलग-अलग परीक्षाओं में एक जैसी प्रक्रिया अपनाई गई थी और क्या कथित अनियमितताओं के पीछे किसी तरह का वित्तीय नेटवर्क काम कर रहा था।

अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी नजर

JPSC नियुक्ति घोटाला में निजी कंपनी के साथ-साथ आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ईडी यह पता लगा सकती है कि कंपनी को काम देने की प्रक्रिया में किस स्तर पर निर्णय लिए गए और क्या नियमों की अनदेखी जानबूझकर की गई थी।

जांच के दौरान अधिकारियों के बीच हुई बातचीत, दस्तावेजों, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और कंपनी के साथ हुए समझौतों की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

आगे बढ़ सकती है जांच की कार्रवाई

ईडी की ओर से JPSC नियुक्ति घोटाला में ECIR दर्ज किए जाने के बाद आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है। एजेंसी मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी जुटा सकती है।

जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति, अधिकारी या संस्था की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

प्रशासनिक महकमे में बढ़ी हलचल

JPSC नियुक्ति घोटाला में ईडी की कार्रवाई के बाद झारखंड के प्रशासनिक और परीक्षा तंत्र में हलचल बढ़ गई है। जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर पहले से उठते रहे सवालों के बीच ईडी की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसी को वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं से जुड़े कौन-कौन से तथ्य मिलते हैं।

फिलहाल JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में ईडी की जांच शुरुआती चरण में है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आने और मामले में आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।

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