JPSC-JSSC विवाद: 14वें दिन बैकफुट पर सरकार, स्टेट गेस्ट हाउस में 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ डेढ़ घंटे चली वार्ता खत्मJPSC-JSSC विवाद: 14वें दिन बैकफुट पर सरकार, स्टेट गेस्ट हाउस में 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ डेढ़ घंटे चली वार्ता खत्म

रांची: JPSC और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार रात सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच एक अहम वार्ता संपन्न हुई. रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में रात करीब 7:45 बजे शुरू हुई यह बैठक रात 9:25 बजे समाप्त हुई. लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय वार्ता के बाद बाहर निकले छात्र प्रतिनिधियों ने बातचीत को ‘सकारात्मक’ बताया.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच पहुंची गाड़ियों की काफिला

आंदोलन के 14वें दिन समाधान की पहल करते हुए प्रशासन ने एसडीएम की मौजूदगी में तीन विशेष वाहनों से छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचाया. सरकार की ओर से चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल शाम 7:23 बजे ही मौके पर पहुंच चुका था. बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रतिनिधिमंडलों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहा.

छात्रों की प्रमुख मांगें:

  • 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द हो: छात्रों का आरोप है कि 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार और धांधली हुई है, इसलिए इसके परिणाम को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
  • अन्य परीक्षाओं की जांच व रद्दीकरण: जेएसएससी और अन्य परीक्षाओं में आई अनियमितता की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए प्रभावित परीक्षाओं को रद्द किया जाए.
  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और ठोस परीक्षा सुधार लागू किए जाएं.

सरकार का पक्ष:

वार्ता के दौरान सरकार ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआईडी (CID) पूरे मामले की निष्पक्षता और कड़ाई से जांच कर रही है. इसमें संलिप्त कई दोषियों को जेल भेजा जा चुका है. सरकार ने आश्वासन दिया कि वह छात्रों की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समाधान के लिए गंभीर प्रयास कर रही है. साथ ही सरकार की ओर से छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील भी की गई.

बैठक के बाद मंत्री और छात्र प्रतिनिधि स्टेट गेस्ट हाउस से बाहर निकल चुके हैं. छात्रों द्वारा मांग पत्र के प्रत्येक बिंदु पर चर्चा किए जाने के बाद अब सरकार आगे की रणनीति तय करेगी.

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