ABDM लागू करने के लिए रांची प्रशासन सख्त: 30 अगस्त तक सभी निजी अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ सिस्टम अनिवार्य, नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
रांची | विशेष रिपोर्ट
देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को झारखंड की राजधानी रांची में तेजी से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन रांची डॉ. अमरेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में सदर अस्पताल के सभागार में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी निजी अस्पतालों में ABDM Enabled HMIS, ABHA ID, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, Health Facility Registry (HFR) और Health Professional Registry (HPR) को समयबद्ध तरीके से लागू करना था।

“रांची में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली रफ्तार: 30 अगस्त तक सभी निजी अस्पतालों में ABDM Enabled HMIS अनिवार्य, ABHA ID और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड लागू करने के निर्देश” स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
रांची में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली रफ्तार: निजी अस्पतालों को दिए गए सख्त निर्देश
कार्यशाला में झारखंड राज्य आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े अधिकारियों ने अस्पताल प्रतिनिधियों को डिजिटल हेल्थ सिस्टम की आवश्यकता और उसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जॉइंट डायरेक्टर राजन कुमार, कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर डॉ. रंजना सिन्हा, बिजनेस एनालिस्ट एवं रांची नोडल रश्मि नन्दे सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। इसलिए सभी निजी अस्पतालों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी व्यवस्था को डिजिटल बनाना होगा।
30 अगस्त तक ABDM Enabled HMIS लागू करना होगा अनिवार्य
“रांची में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली रफ्तार: 30 अगस्त तक सभी निजी अस्पतालों में ABDM Enabled HMIS अनिवार्य, ABHA ID और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड लागू करने के निर्देश” के तहत स्पष्ट किया गया कि 30 अगस्त 2026 तक जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को ABDM Enabled HMIS इंस्टॉल कर उसका उपयोग शुरू करना अनिवार्य होगा।
सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने सभी संस्थानों को अगले 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर मरीज के लिए बनेगी ABHA ID, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड होगा तैयार
कार्यशाला में बताया गया कि अब अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज की ABHA ID (Ayushman Bharat Health Account) बनाई जाएगी और उसे मरीज के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।
इस व्यवस्था से मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में किसी भी अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से इलाज की गुणवत्ता में सुधार, समय की बचत और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
PMJAY से जुड़े अस्पतालों को भी दी गई महत्वपूर्ण चेतावनी
कार्यशाला के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से जुड़े अस्पतालों के लिए भी ABDM आधारित HMIS लागू करना आवश्यक होगा।
यदि कोई अस्पताल निर्धारित समय सीमा तक इस व्यवस्था को लागू नहीं करता है तो भविष्य में योजना के अंतर्गत मिलने वाले भुगतान पर प्रभाव पड़ सकता है। इससे स्पष्ट है कि सरकार डिजिटल हेल्थ सिस्टम को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
HFR और HPR पंजीकरण होगा अनिवार्य
“रांची में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली रफ्तार: 30 अगस्त तक सभी निजी अस्पतालों में ABDM Enabled HMIS अनिवार्य, ABHA ID और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड लागू करने के निर्देश” के अंतर्गत सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए Health Facility Registry (HFR) और Health Professional Registry (HPR) में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
कार्यशाला में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों का HPR पंजीकरण पूरा नहीं होगा, उनके Clinical Establishments Act (CEA) के तहत पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अस्पताल प्रतिनिधियों को डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
इस दौरान—
ABHA ID निर्माण
Health Record Linkage
HMIS Integration
HFR Registration
HPR Registration
डिजिटल डेटा सुरक्षा
मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का प्रबंधन
जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
जिला डाटा प्रबंधक ने भी साझा की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला डाटा प्रबंधक संजय तिवारी ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल हेल्थ मिशन केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।
उन्होंने सभी अस्पतालों से समयबद्ध तरीके से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की अपील की।
सभी विभागों के समन्वय से सफल होगा डिजिटल हेल्थ मिशन
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पताल, तकनीकी एजेंसियां और चिकित्सा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
यदि सभी संस्थान समय पर आवश्यक डिजिटल व्यवस्था लागू करते हैं तो मरीजों को तेज, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ABDM लागू होने के बाद मरीजों को अपने मेडिकल रिकॉर्ड के लिए बार-बार दस्तावेज साथ लेकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। डॉक्टरों को मरीज का स्वास्थ्य इतिहास डिजिटल रूप में उपलब्ध होगा, जिससे उपचार अधिक सटीक और तेज होगा।
इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक पारदर्शी तरीके से मरीजों तक पहुंच सकेगा।