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झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा, 2.21 करोड़ मतदाता नामांकित, 43.61 लाख अनकलेक्टेबल फॉर्म्स की पहचान, अब 1 सितंबर तक दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

रांची, 05 अगस्त 2026। झारखंड में लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय, झारखंड ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम के तहत प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी कर दी है। इसके साथ ही ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची का भी प्रकाशन किया गया है। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और अपात्र, मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट नामों को चिन्हित कर मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

“झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का प्रारूप जारी, 2.21 करोड़ मतदाता शामिल, 43.61 लाख अनकलेक्टेबल फॉर्म्स पर होगी विशेष जांच” राज्य के चुनावी इतिहास के सबसे बड़े पुनरीक्षण अभियानों में से एक माना जा रहा है। इस अभियान में लाखों सरकारी कर्मियों, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), स्वयंसेवकों और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) ने मिलकर कार्य किया।

झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का प्रारूप जारी, 2.21 करोड़ मतदाता हुए सूचीबद्ध

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान राज्यभर में मतदाता सत्यापन का व्यापक कार्य किया गया। इस दौरान 2,21,01,249 गणना फॉर्म सफलतापूर्वक एकत्र किए गए और उन्हें डिजिटाइज किया गया।

प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार झारखंड में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें—

पुरुष मतदाता: 1,12,06,755

महिला मतदाता: 1,08,94,234

थर्ड जेंडर मतदाता: 260

यह आंकड़ा राज्य की लोकतांत्रिक भागीदारी को दर्शाता है और चुनाव आयोग के व्यापक सत्यापन अभियान की सफलता को भी प्रतिबिंबित करता है।

43.61 लाख अनकलेक्टेबल फॉर्म्स की हुई पहचान

“झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का प्रारूप जारी, 2.21 करोड़ मतदाता शामिल, 43.61 लाख अनकलेक्टेबल फॉर्म्स पर होगी विशेष जांच” अभियान के दौरान ऐसे 43,61,987 फॉर्म भी सामने आए जिन्हें विभिन्न कारणों से एकत्र नहीं किया जा सका।

इनकी श्रेणियां इस प्रकार हैं—

डुप्लिकेट नाम: 4,38,596

मृत मतदाता: 7,63,903

स्थायी रूप से स्थानांतरित: 15,92,194

अनुपस्थित या पता नहीं चला: 14,50,810

हस्ताक्षर से इंकार / अन्य कारण: 1,16,484

निर्वाचन आयोग अब इन मामलों की विस्तृत जांच करेगा ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

राजनीतिक दलों की भी रही सक्रिय भागीदारी

इस विशेष पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया। राज्य के 9 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने कुल 77,430 बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) नियुक्त किए।

इनमें सबसे अधिक एजेंट भाजपा, झामुमो और कांग्रेस द्वारा लगाए गए। इसके अलावा आजसू, राजद, सीपीआई (एम), आम आदमी पार्टी और बसपा ने भी अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए।

चुनाव आयोग ने अभियान के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ 845 से अधिक बैठकें आयोजित कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बनाया।

झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का प्रारूप जारी, बूथों की संख्या भी बढ़ी

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों का भी पुनर्गठन किया।

राज्य में—

2,389 नए मतदान केंद्र बनाए गए।

68 पुराने केंद्रों का विलय किया गया।

कुल मतदान केंद्रों की संख्या 29,571 से बढ़कर 31,892 हो गई।

इसका उद्देश्य प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या को संतुलित रखना और मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है।

हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे प्रशासनिक तंत्र ने मिलकर कार्य किया।

इसमें शामिल रहे—

24 जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO)

81 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO)

365 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO)

63 अतिरिक्त AERO

2,938 BLO पर्यवेक्षक

29,571 बूथ लेवल अधिकारी (BLO)

29,571 स्वयंसेवक

इन सभी अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया और फॉर्म एकत्रित किए।

अब शुरू होगी दावा और आपत्ति की प्रक्रिया

प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद अब नागरिकों को अपने नाम की जांच करने और किसी भी त्रुटि के सुधार का अवसर मिलेगा।

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है, या किसी जानकारी में त्रुटि है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा और आपत्ति दर्ज करा सकता है।

इसी प्रकार यदि किसी मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट मतदाता का नाम सूची में बना हुआ है, तो उसके संबंध में भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम

“झारखंड SIR 2026: मतदाता सूची का प्रारूप जारी, 2.21 करोड़ मतदाता शामिल, 43.61 लाख अनकलेक्टेबल फॉर्म्स पर होगी विशेष जांच” केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सटीक मतदाता सूची निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की सबसे मजबूत नींव होती है। इससे फर्जी मतदान की संभावना कम होती है और प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करने का अवसर मिलता है।

चुनाव आयोग ने पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि पूरे अभियान को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित किया गया है। आधुनिक डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन डेटा सत्यापन और राजनीतिक दलों की सहभागिता के कारण इस प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाया गया है।

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और यदि कोई त्रुटि मिले तो समय रहते उसका सुधार कराएं।

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