
जिंदगी जिंदाबाद
विश्व प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ मंदिर की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों ने मिलकर कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अब बाबा मंदिर के गर्भगृह के भीतर श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन ले जाने या उसका उपयोग करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में अब केवल श्रावणी मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष बाह्य अरघा स्थापित रहेगा ताकि भक्त सुगमता से जलार्पण कर सकें।
समाहरणालय की बैठक में प्रस्ताव पर लगी मुहर
यह अहम निर्णय शुक्रवार को समाहरणालय में श्रावणी मेला की तैयारियों और बाबा मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता देवघर के उपायुक्त (डीसी) सौरभ कुमार भुवानिया ने की। इस बैठक में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी ने एक मत से (सर्वसम्मति से) स्वीकार कर लिया। बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के सदस्य और क्षेत्र के प्रबुद्ध पुरोहित मुख्य रूप से उपस्थित थे।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अहम दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव डीसी के सामने रखे। उपायुक्त ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य रूप से इन व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
सुगम जलार्पण व सुरक्षा: आम भक्तों को बिना किसी असुविधा के सुरक्षित तरीके से बाबा पर जल अर्पण करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
भीड़ नियंत्रण (क्राउड मैनेजमेंट): त्योहारों और विशेष दिनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम।
शीघ्रदर्शनम एवं वीआईपी व्यवस्था: ‘शीघ्रदर्शनम’ (VIP कतार) के माध्यम से दर्शन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
