राज्य सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से ह्यूमन रिसोर्स इंफॉर्मेशन सिस्टम लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

आज श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार की अध्यक्षता में एचआरआईएस से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रस्तावित प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के उपरांत अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि एचआरआईएस सॉफ्टवेयर का विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मियों के लिए 01 अगस्त 2026 से लागू किया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव श्री विद्यानंद शर्मा पंकज, 104 एचआईएचएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री रितेश गुप्ता, उपस्थिति पोर्टल से जुड़े संविदा तकनीकी विशेषज्ञों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

वर्तमान में विभागीय मानव संसाधन से संबंधित डेटा विभिन्न जिलों एवं संस्थानों में अलग-अलग स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण डेटा असंगतता, निर्णय लेने में विलंब तथा रियल-टाइम जानकारी के अभाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु एचआरआईएस को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह प्रणाली कर्मचारियों के पूरे सेवा-काल (नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक) को एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रबंधित करेगी, जिसमें भर्ती, उपस्थिति, अवकाश, वेतन प्रबंधन, प्रदर्शन मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण मॉड्यूल शामिल होंगे। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए सेल्फ-सर्विस पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक दक्षता में व्यापक सुधार आएगा।

प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत वेतन बिल का सृजन केवल आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के सफल सत्यापन के पश्चात ही किया जाएगा। उच्चस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ओटीपी आधारित प्रणाली के स्थान पर अनिवार्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनेगी तथा ट्रेजरी/एसएनए स्पर्श के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

एचआरआईएस के माध्यम से विभाग को रियल-टाइम वर्कफोर्स विजिबिलिटी प्राप्त होगी, जिससे डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

इस प्रणाली के लागू होने से मैन्युअल कार्यों में कमी, वेतन संबंधी त्रुटियों में सुधार, ट्रांसफर एवं पोस्टिंग प्रक्रियाओं में तेजी तथा डेटा डुप्लीकेशन में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिस्टम में रोल-बेस्ड एक्सेस, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, एन्क्रिप्शन एवं ऑडिट ट्रेल जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ लागू की जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed