आज सृजन हेल्प परिवार प्रांगण में फॉरेस्ट ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन की ओर से सृजन हेल्प के विशेष दिव्यांग मंदबुद्धि एवं मूक बधिर बच्चों के बीच शिव उपासना के स्वरूप प्रत्येक दिव्यांग बच्चों को भगवान शिव का गण मानते हुए चंदन टीका से विशेष दिव्यांगों का पूजन किया गया. उनके पूजन के बाद दिव्यांग को प्रसाद स्वरूप उनकी ओर से सुस्वादु जलपान कराया गया. प्रत्येक को एक-एक छत बरसात से बचने के लिए भेंट स्वरूप दिया गया. सभी बच्चों को डोसा, इडली, मिठाई, बादाम बर्फी, समोसा और कॉपी पेंसिल रबर टोफियां चॉकलेट पूजा की सामग्री के रूप में वितरित की गई.
समाज के अंतिम छोर पर बैठे हैं इन दिव्यांग बच्चों के लिये एसोसिएशन की अध्यक्षा ने कहा कि इनकी देख-भाल करना इनके बीच उठना-बैठना इनको बराबर का सम्मान देना यह हम सब का कर्तव्य है. पांचो उंगली बराबर नहीं होती ईश्वर ने इनको अगर इस रूप में बनाया है तो हमारा आपका सबका कर्तव्य है कि हम सब उनकी सेवा ईश्वर का रूप मान कर करें और इनको भी अपने परिवार के सदस्य के रूप में आत्मसात करें. इनको सम्मान दें, इनको प्यार दें और इनके बीच एक सद्भाव का का एक ऐसा वातावरण बनाएं जैसे हम अपने परिवार में कमजोर से कमजोर बच्चों को देखते हैं. उसी प्रकार हमारा कर्तव्य है कि इन बच्चों को भी हम सब देखें और समाज की मुख्य धारा से इन सबको जोड़ें इनका शोषण इनका तिरस्कार ना हो इन्हें सम्मान और प्यार मिले यह हम सब का कर्तव्य है.
विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि रांची में यह एकमात्र विशेष दिव्यांग एनं मूक-बधिर बच्चों की संस्था है जिसमें अत्यंत पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के निम्न आय वर्ग से बच्चे आते है. नगर के सम्भ्रान्त और समाज सेवी संगठनों से लोग बराबर आते हैं. आज फॉरेस्ट ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन ने यह पुनीत कार्य किया है.
इस कार्यक्रम में एसोसिएशन अध्यक्षा विभा श्रीवास्तव, वाइस प्रेसिडेंट रुचि उपाध्याय, सचिव सनन्दिता दास, कोषाध्यक्ष मीनू पांड्यान, पूर्व अध्यक्षा सविता मिश्रा, अंजू सिंह, रंजना सावंत और कलावती पांडे को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम में कैलाश केसरी अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर ने रामनाम का पट्ठा दिया. कार्यक्रम में राजेंद्र प्रसाद सिंह मुंडा रांची विभाग सेवा प्रमुख, अशोक कुमार अग्रवाल प्रांत सह-सेवा प्रमुख, गुंजन गुप्ता निदेशिका, संजय कुमार संचालक, प्रकाश बजाज, ज्ञान प्रजापति, संध्या उरांव सृजन हेल्प परिवार के अन्य कार्यरत सहयोगी और बड़ी संख्या में दिव्यांगों के अभिभावक उपस्थित थे.

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