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इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं तथा वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें वेतन पैकेज तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएँ शामिल हैं।

◆ मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण एवं समावेशी विकास में बैंकों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण।

◆ मुख्यमंत्री ने कहा – राज्य के विकास में बैंक सहयोगी के रूप में अपनी भूमिका निभाए।

● राज्य सरकार और इंडियन बैंक के बीच हुए एमओयू का लाभ हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा

● प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था का विस्तार जरूरी

श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार और इंडियन बैंक के मध्य आज से एक नई कड़ी जुड़ रही है। राज्य सरकार और इंडियन बैंक के बीच आज एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर हुआ है, जो स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर मनुष्य के जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आते हैं। कई बार ऐसे अवसर भी आते हैं जब लोग स्वयं को असहाय और निराश महसूस करते हैं, विशेषकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय ऐसी भावना उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महज कुछ वर्ष पूर्व ही पूरी दुनिया ने कोरोना महामारी का सामना किया। कोरोना एक ऐसी स्वास्थ्य आपदा थी, जिसका प्रारंभिक समय में कोई स्पष्ट समाधान या उपचार उपलब्ध नहीं था। इस महामारी ने न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया और लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसी प्रकार कई ऐसे स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं समय-समय पर देखने को मिलता है जो सामान्य, मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवारों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित झारखंड सरकार और इंडियन बैंक के मध्य राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन खाता पैकेज (Salary Account Package) एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों का वेतन खाता और एचआरआईएस पैकेज समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे।

समझौता ज्ञापन का लाभ स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हजारों कर्मियों को मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं इंडियन बैंक के बीच आज हुए समझौता ज्ञापन का लाभ वर्तमान समय में एनएचएम सहित स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हजारों कर्मियों को मिलेगा। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए यह एमओयू एक अत्यंत उपयोगी और लाभकारी पैकेज है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल अवश्य बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण के खतरे वाले क्षेत्रों में कार्य करना पड़ता है और वे बड़े जोखिम उठाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनका बीमा और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होना आवश्यक है, ताकि वे निर्भीक होकर अपना कार्य कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से इंडियन बैंक के साथ हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आने वाले पैकेज का लाभ लेकर एनएचएम स्वास्थ्य कर्मी खुशी और मजबूती के साथ अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने इंडियन बैंक के सभी पदाधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि आज राज्य सरकार के साथ इंडियन बैंक कदम बढ़ा रही है। वर्तमान में बैंक की योजनाओं का लाभ और सहायता राज्य सरकार में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों मिलेगा, इसके अलावा भी राज्य के सर्वांगीण विकास में इंडियन बैंक की भूमिका रहेगी ऐसा मुझे पूरा विश्वास है।

वर्तमान समय में प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था का विस्तार आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल व्यवस्था के विस्तार के साथ बैंकिंग सेवाओं से न केवल सरकारी कर्मचारी, बल्कि श्रमिक वर्ग भी व्यापक रूप से जुड़ेगा। ऐसी स्थिति में बैंकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग एवं NHM के सभी कर्मियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे इस विशेष पैकेज का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ० इरफ़ान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, इंडियन बैंक एमडी-सीईओ श्री बिनोद कुमार सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*”