रांची के विकास का बनेगा नया प्लान:
रांची: झारखंड की राजधानी रांची को व्यवस्थित, सुगम और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पथ निर्माण विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में रोड नेटवर्क, मास्टर प्लान, यातायात व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, वेंडर मार्केट, पार्क और शहरी सुविधाओं समेत विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची के साथ-साथ राज्य के अन्य प्रमुख शहरों का भी सुनियोजित विकास किया जाए। इसके लिए शहरों को जोनवार विभाजित कर आबादी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार दीर्घकालिक विकास योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज सिस्टम जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण की योजना में ड्रेनेज व्यवस्था को अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। सड़क के दोनों किनारों पर वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। सड़क और ड्रेनेज का डिजाइन एकीकृत रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान जलजमाव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने को कहा गया है। पहले से बनी सड़कों पर जल निकासी की समस्या होने पर तकनीकी अध्ययन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पैदल यात्रियों, ड्रेनेज और यातायात के लिए पर्याप्त जगह का प्रावधान किया जाए।
रांची के विकास का बनेगा नया प्लान, हर वार्ड में वेंडर मार्केट; अनावश्यक रोड कट होंगे बंद
हर वार्ड में वेंडर मार्केट बनाने पर जोर
सड़क किनारे ठेला, गुमटी और अन्य स्वरोजगार के जरिए आजीविका चलाने वाले लोगों के लिए भी सरकार व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम किया जाए।
इसका उद्देश्य सड़क किनारे अनियोजित वेंडिंग के कारण होने वाले जाम और भीड़ को कम करना है। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वेंडर्स की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए और उन्हें सम्मानजनक एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
अनावश्यक रोड कट होंगे बंद
रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़कों के बीच बने अनावश्यक कटों को चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों के लिए निर्धारित चौक-चौराहों से सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा शहर में संचालित बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारणी का डेटा तैयार करने को कहा गया है। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
लटकते तारों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने शहर में बिजली, टेलीकॉम और अन्य केबल के अव्यवस्थित तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। खंभों और पेड़ों पर लटक रहे अनावश्यक तारों को चिन्हित कर हटाने तथा उपयोग में आने वाले तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने को कहा गया है।
नए केबल बिछाने के दौरान बार-बार सड़क की खुदाई रोकने के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। जहां संभव हो, केबल और अन्य यूटिलिटी के लिए डक्ट या निर्धारित कॉरिडोर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की होगी पहचान
मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित वेंडिंग की समस्या का समाधान करते हुए संबंधित लोगों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
सरकार की योजना में सिर्फ सड़क और भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक, ड्रेनेज, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, पार्क और हरित क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विकास योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुनील कुमार, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री, वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।
