रांची। झारखंड में सड़क और शहरी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक बड़ी परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। राज्य की पहली 10 लेन स्मार्ट रोड के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 177 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पश्चिम बंगाल की कंपनी रामचंद्र पाल को काम आवंटित किया गया है। निर्माण से पहले सड़क का सर्वे शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड (SHAJ) की टीम भी शामिल है।
प्रस्तावित स्मार्ट रोड को केवल यातायात सुविधा के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे आधुनिक सड़क व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुविधा, साइकिल ट्रैक, हरियाली और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। सड़क के दोनों ओर लोगों के बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां लगाई जाएंगी। इसके अलावा जगह-जगह झोपड़ीनुमा खुली संरचनाएं भी बनाई जाएंगी, जहां लोग बैठकर आराम कर सकेंगे।
177 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी स्मार्ट रोड
राज्य की पहली 10 लेन स्मार्ट रोड परियोजना पर करीब 177 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। टेंडर मिलने के बाद काम के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब परियोजना के प्रारंभिक कार्य शुरू हो गए हैं।
निर्माण कार्य से पहले सड़क की स्थिति, जमीन, मौजूदा यातायात व्यवस्था और प्रस्तावित सुविधाओं से जुड़े पहलुओं का सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड की टीम भी लगी हुई है।
सर्वे के बाद सड़क निर्माण और चौड़ीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
विवेकानंद स्कूल मोड़ से शुरू होगी सड़क
प्रस्तावित स्मार्ट रोड का मुख्य हिस्सा ओल्ड विधानसभा के आगे विवेकानंद स्कूल मोड़ से शुरू होगा। यहां से सड़क जगन्नाथ मंदिर, हाईकोर्ट और नई विधानसभा भवन के मुख्य मार्ग से होते हुए नयासराय आरओबी तक जाएगी।
विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय आरओबी तक लगभग 6.089 किलोमीटर लंबे हिस्से को सिक्स लेन बनाने की योजना है।
इस मुख्य हिस्से के दोनों किनारों पर सर्विस रोड की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही टू-लेन पेव्ड शोल्डर भी बनाया जाएगा। इससे मुख्य सड़क पर चलने वाले वाहनों और स्थानीय आवागमन के बीच बेहतर व्यवस्था बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नयासराय से रिंग रोड तक भी होगा चौड़ीकरण
परियोजना के तहत नयासराय आरओबी से आगे नयासराय होते हुए रिंग रोड तक जाने वाली लगभग 2.12 किलोमीटर मौजूदा सड़क को भी चौड़ा किया जाएगा।
इस हिस्से में मौजूदा सड़क की क्षमता बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
इस तरह पूरी परियोजना का उद्देश्य राजधानी के महत्वपूर्ण इलाकों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना और आने वाले समय की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क का विकास करना है।
सड़क पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित स्मार्ट रोड की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसे केवल वाहनों की आवाजाही के लिए विकसित नहीं किया जाएगा। सड़क को लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाने की भी योजना है।
सड़क के किनारे लोगों के बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां लगाई जाएंगी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर झोपड़ीनुमा खुली संरचनाएं बनाई जाएंगी, जहां राहगीर और स्थानीय लोग बैठकर आराम कर सकेंगे।
इससे सड़क का स्वरूप सामान्य चौड़ी सड़क से अलग होकर एक आधुनिक और सुविधायुक्त कॉरिडोर जैसा हो सकता है।
पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ
स्मार्ट रोड परियोजना में पैदल यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्य हिस्से में बेहतर फुटपाथ बनाए जाने की योजना है।
फुटपाथ के निर्माण से पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर वाहनों के बीच चलने की जरूरत कम होगी। इससे यातायात व्यवस्था के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
राजधानी में बढ़ते यातायात और पैदल आवागमन को देखते हुए यह सुविधा परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
साइकिल ट्रैक होगा खास आकर्षण
स्मार्ट रोड के मुख्य हिस्से में साइकिल ट्रैक भी विकसित किया जाएगा। इससे साइकिल से आवागमन करने वाले लोगों के लिए अलग स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

साइकिल ट्रैक आधुनिक सड़क परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
साइकिल चलाने वालों को मुख्य यातायात से अलग सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की योजना सड़क को और आधुनिक स्वरूप देगी।
साइकिल ट्रैक के ऊपर लगेंगे सोलर पैनल
परियोजना की खास विशेषताओं में साइकिल ट्रैक के ऊपर सोलर पैनल लगाने की योजना भी शामिल है।
इन सोलर पैनलों से बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिसका उपयोग सड़क की लाइटों को रोशन करने में किया जा सकता है।
इस तरह स्मार्ट रोड में सड़क निर्माण के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को भी जोड़ा जा रहा है। सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था से सड़क को रात के समय रोशन रखने में मदद मिलेगी।
पूरी सड़क पर सोलर सिस्टम की योजना
सड़क के लिए सोलर सिस्टम विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे सड़क की प्रकाश व्यवस्था को ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा का इस्तेमाल पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
स्मार्ट रोड परियोजना में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था को साथ लाने की कोशिश की जा रही है।
हरियाली से बढ़ेगी सड़क की खूबसूरती
स्मार्ट रोड को आकर्षक बनाने के लिए सड़क के बीच और किनारे फूल-पौधे और हरियाली विकसित करने की योजना है।
सड़क के आसपास हरियाली होने से न केवल इसका सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि लोगों को बेहतर वातावरण भी मिल सकता है।
फूलों और पौधों के साथ विकसित किया गया सड़क कॉरिडोर राजधानी के इस हिस्से को अलग पहचान दे सकता है।
बैठने और आराम करने की व्यवस्था
सड़क के किनारे लोगों के लिए बैठने की सुविधा भी प्रस्तावित है। बेंच और कुर्सियों के अलावा कुछ स्थानों पर खुली झोपड़ीनुमा संरचनाएं तैयार की जाएंगी।
इन स्थानों का इस्तेमाल लोग थोड़ी देर बैठने या आराम करने के लिए कर सकेंगे।
इस तरह सड़क परियोजना में केवल यातायात को ध्यान में रखने के बजाय आम लोगों की सुविधा को भी शामिल किया गया है।
सर्विस रोड से आसान होगा स्थानीय आवागमन
मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर सर्विस रोड और टू-लेन पेव्ड शोल्डर की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सर्विस रोड होने से मुख्य यातायात और स्थानीय आवागमन को अलग-अलग व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों के प्रवाह को बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
विशेष रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों और प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली इस सड़क के लिए सर्विस रोड व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
हाईकोर्ट और नई विधानसभा मार्ग से जुड़ेगी
प्रस्तावित स्मार्ट रोड रांची के कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले मार्ग से होकर गुजरेगी। इसका मुख्य हिस्सा जगन्नाथ मंदिर, हाईकोर्ट और नई विधानसभा भवन के मुख्य मार्ग से होकर नयासराय आरओबी तक जाएगा।
इस कारण परियोजना को राजधानी के महत्वपूर्ण यातायात कॉरिडोर के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
सड़क के विकसित होने के बाद इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्मार्ट रोड से बदल सकता है क्षेत्र का स्वरूप
आधुनिक सुविधाओं के साथ सड़क विकसित होने से इसके आसपास के क्षेत्र के स्वरूप में भी बदलाव आने की संभावना है।
बेहतर सड़क, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, हरियाली, सर्विस रोड और सोलर लाइट जैसी सुविधाएं इस कॉरिडोर को राजधानी की अन्य सड़कों से अलग पहचान दे सकती हैं।
परियोजना पूरी होने के बाद यहां यातायात के साथ-साथ पैदल और साइकिल से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सुरक्षा मानकों का भी रखा जाएगा ध्यान
स्मार्ट रोड निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने की बात कही गई है। सड़क पर प्रकाश व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुविधा और यातायात को व्यवस्थित करने वाली व्यवस्थाओं को परियोजना में शामिल किया गया है।
रात के समय सोलर लाइट से सड़क रोशन रखने की योजना भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
SHAJ की टीम कर रही सर्वे
परियोजना के प्रारंभिक चरण में स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड (SHAJ) की टीम सर्वे कार्य में शामिल है।
सर्वे के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति और प्रस्तावित निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है।
निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने से पहले इस तरह के सर्वे को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे परियोजना के विभिन्न हिस्सों की योजना को अंतिम रूप देने में मदद मिलती है।
राज्य में पहली बार 10 लेन स्मार्ट रोड
इस परियोजना को झारखंड की पहली 10 लेन स्मार्ट रोड के रूप में बताया जा रहा है। हालांकि मुख्य 6.089 किलोमीटर हिस्से को सिक्स लेन और उसके दोनों ओर सर्विस रोड तथा टू-लेन पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने की योजना है।
इसी समग्र सड़क संरचना और आधुनिक सुविधाओं के कारण इसे 10 लेन स्मार्ट रोड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह परियोजना राज्य में आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
रांची में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच सड़क चौड़ीकरण और बेहतर यातायात व्यवस्था की जरूरत महसूस होती रही है।
विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय आरओबी और आगे रिंग रोड तक सड़क के विकास से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
नई सड़क व्यवस्था से आने वाले समय में बढ़ते यातायात को संभालने में मदद मिल सकती है।
पर्यावरण और विकास का संतुलन
स्मार्ट रोड परियोजना में सोलर पैनल और हरियाली को शामिल किए जाने से विकास के साथ पर्यावरणीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सड़क किनारे पौधारोपण और सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं परियोजना को पर्यावरण के लिहाज से भी अलग पहचान दे सकती हैं।
परियोजना से लोगों को क्या मिलेगा?
परियोजना पूरी होने के बाद लोगों को कई सुविधाएं एक साथ मिलने की उम्मीद है। इनमें बेहतर सड़क, सर्विस रोड, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, हरियाली, बैठने की व्यवस्था और सोलर लाइट प्रमुख हैं।
इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों को भी लाभ मिल सकता है।
निर्माण से पहले शुरू हुआ सर्वे
टेंडर और काम के आवंटन की प्रक्रिया के बाद अब निर्माण से पहले सर्वे का काम शुरू किया गया है। संबंधित टीम सड़क के विभिन्न हिस्सों का अध्ययन कर रही है।
सर्वे के बाद निर्माण कार्य को निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
रांची के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
राजधानी रांची में प्रस्तावित यह स्मार्ट रोड परियोजना शहरी बुनियादी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त सड़क का निर्माण होने से राजधानी को एक नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर मिल सकता है।
सड़क के विकास के साथ पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और स्थानीय लोगों के लिए सुविधाओं को शामिल किया जाना परियोजना को सामान्य सड़क निर्माण से अलग बनाता है।
निष्कर्ष
करीब 177 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली झारखंड की पहली 10 लेन स्मार्ट रोड परियोजना के लिए काम का आवंटन हो चुका है और सर्वे का काम शुरू हो गया है। विवेकानंद स्कूल मोड़ से नयासराय आरओबी तक 6.089 किलोमीटर हिस्से को सिक्स लेन बनाया जाएगा, जबकि नयासराय आरओबी से नयासराय होते हुए रिंग रोड तक करीब 2.12 किलोमीटर मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा।
परियोजना में साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, सर्विस रोड, पेव्ड शोल्डर, सोलर पैनल, सोलर लाइट, हरियाली और लोगों के बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
अगर योजना के अनुसार काम पूरा होता है, तो यह सड़क रांची के आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है और राजधानी के इस प्रमुख मार्ग को सुविधायुक्त तथा आकर्षक स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जा सकता है।