रांची। रांची नगर निगम से वाटर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। वाटर कनेक्शन लेने के बाद पाइपलाइन या कनेक्शन में खराबी आने पर जांच और मरम्मत से जुड़े फेरूल शुल्क को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम की ओर से मौजूदा 300 रुपये के शुल्क को बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को गुरुवार को होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की बैठक में सहमति मिलने के बाद नया शुल्क पूरे शहर में लागू किया जा सकता है।
शुल्क जमा करने के बाद ही होगी सड़क की खुदाई
नगर निगम के अनुसार वाटर कनेक्शन लेने के बाद यदि पाइपलाइन या कनेक्शन में किसी तरह की खराबी आती है, तो उसकी जांच के लिए कई बार सड़क की खुदाई करनी पड़ती है। अब सड़क की खुदाई से पहले संबंधित व्यक्ति को नगर निगम में फेरूल शुल्क जमा करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही वाटर कनेक्शन की जांच के लिए सड़क की खुदाई कराई जा सकेगी।
फेरूल शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। वर्तमान में इसके लिए उपभोक्ताओं से 300 रुपये लिए जाते हैं। प्रस्ताव के अनुसार यह राशि बढ़ाकर 1000 रुपये की जा सकती है। नगर निगम का मानना है कि कनेक्शन की जांच और सड़क की खुदाई के दौरान होने वाले काम को व्यवस्थित करने के लिए शुल्क में बदलाव जरूरी है।
खराब कनेक्शन की जांच के लिए लगेगा शुल्क
वाटर कनेक्शन में खराबी आने पर कई बार यह पता लगाने के लिए सड़क या पाइपलाइन के आसपास खुदाई करनी पड़ती है कि समस्या कहां है। ऐसे मामलों में नगर निगम की टीम को जांच और मरम्मत का काम करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित उपभोक्ता को पहले निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद ही जांच के लिए सड़क की खुदाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नगर निगम के इस प्रस्ताव का सीधा असर वाटर कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। खासकर ऐसे लोगों को अतिरिक्त राशि देनी होगी, जिनके कनेक्शन में खराबी आने के बाद सड़क की खुदाई कराकर जांच करानी पड़ेगी।
कचरा डंप करने पर भी देना होगा 650 रुपये
नगर निगम की बैठक में सिर्फ वाटर कनेक्शन से जुड़े शुल्क में बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। झिरी स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा डंप करने के लिए भी शुल्क निर्धारित करने की तैयारी है। प्रस्ताव के अनुसार अब आम व्यक्ति, प्रतिष्ठान या संस्था अपने यहां से निकलने वाले कचरे को झिरी डंपिंग यार्ड में ले जाकर डंप कर सकेंगे।
इसके लिए नगर निगम संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान से 650 रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से शुल्क लेने की तैयारी में है। यानी निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद ही झिरी में कचरा डंप करने की अनुमति दी जाएगी।
शहर में निर्माण कार्यों से निकलने वाले कचरे पर भी नजर
रांची शहर में विकास कार्यों के दौरान बड़ी मात्रा में बिल्डिंग मटेरियल, मिट्टी और अन्य मलबा निकलता है। कई बार लोग इसे खाली स्थानों या सड़क किनारे डाल देते हैं। इससे शहर में गंदगी बढ़ने के साथ-साथ यातायात और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं भी पैदा होती हैं।
नगर निगम की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शुल्क जमा करने के बाद झिरी स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा डंप करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों से निकलने वाले कचरे के निपटारे के लिए एक निर्धारित स्थान उपलब्ध होगा।
पांच साल में एक बार होगा लैंप पोस्ट का निबंधन
नगर निगम में लैंप पोस्ट के निबंधन की अवधि में भी बदलाव किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार रांची नगर निगम क्षेत्र में रजिस्टर्ड लैंप पोस्ट का निबंधन अब हर साल के बजाय पांच साल के लिए किया जाएगा। इसके अलावा चापाकलों की मरम्मत और पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत के लिए चार वाहनों की खरीद करने की भी तैयारी है।
नगर निगम बोर्ड की बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित शुल्क और व्यवस्थाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
बोर्ड की बैठक में होगा अंतिम फैसला
नगर निगम की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। बैठक में फेरूल शुल्क बढ़ाने, झिरी में कचरा डंप करने के लिए शुल्क निर्धारित करने, लैंप पोस्ट के निबंधन की अवधि बढ़ाने और मरम्मत कार्यों के लिए वाहनों की खरीद सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
अगर बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वाटर कनेक्शन में खराबी आने पर उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना पड़ेगा। वहीं झिरी डंपिंग यार्ड में कचरा डंप करने की सुविधा मिलने से शहर में इधर-उधर कचरा फेंकने की समस्या पर भी रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।
कुल मिलाकर रांची नगर निगम की आगामी बोर्ड बैठक में शहर की जलापूर्ति, कचरा प्रबंधन और नगर निगम की सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।